संज्ञा किसे कहते हैं - भेद, उदाहरण Class 1,2,3,4,5,10 - Study Friend

संज्ञा किसे कहते हैं - भेद, उदाहरण Class 1,2,3,4,5,10

हम संज्ञा किसे कहते हैं (Sangya kise kahate hain), संज्ञा के भेद (Sangya ke bhed) और संज्ञा के उदाहरण (Sangya ke Udaharan) टॉपिक पर चर्चा करेंगे और सं

 संज्ञा (Sangya) हिंदी व्याकरण और भाषा का अति महत्वपूर्ण विषय है क्योंकि व्याकरण के लगभग प्रत्येक भाग में इसका प्रयोग होता है। संज्ञा विकारी शब्द को कहा जाता है, आज के इस लेख में हम संज्ञा किसे कहते हैं (Sangya kise kahate hain), संज्ञा के भेद (Sangya ke bhed) और संज्ञा के उदाहरण (Sangya ke Udaharan) टॉपिक पर चर्चा करेंगे और संज्ञा को गहराई से समझने का प्रयास करेंगे। इसलिए यह लेख Class 1,2,3,4,5,10 के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण होने वाला हैं।

तो चलिए जानते हैं संज्ञा की परिभाषा अर्थात् "संज्ञा किसे कहते हैं"

संज्ञा किसे कहते हैं - Sangya Kise Kahate Hain

  • निलेश कल स्कूल जाएगा।
  • सोनी अपने जन्मदिन पर खुश थी।
उपर्युक्त वाक्यों में आप देख सकते हैं निलेश किसी व्यक्ति का नाम है, स्कूल किसी समूह का, सोनी व्यक्ति, जन्मदिन दिन का, और खुश किसी भाव का नाम हैं। ये शब्द संज्ञा कहलाते हैं। संज्ञा शब्द का अर्थ ही है - नाम। चलिए अब देखते हैं संज्ञा की पूर्ण परिभाषा!

संज्ञा की परिभाषा (Sangya ki Paribhasha)

वैसे शब्द जो किसी व्यक्ति, वस्तु, जानवर, स्थान, विचार, भाव, दिन या महिना का बोध कराते हैं, उन्हें संज्ञा कहते हैं। जैसे - राम, गीता, सविता, कलम, दिल्ली, बचपन, सोमवार, जनवरी, आदि।
संज्ञा की परिभाषा
संज्ञा किसे कहते हैं?

संज्ञा शब्द या संज्ञात्मक शब्द (Sangya Shabd)

संज्ञा को दर्शाने वाले शब्दों को संज्ञा शब्द या संज्ञात्मक शब्द कहते हैं। संज्ञा शब्द को हिंदी भाषा में "नाम" या "संज्ञा" के रूप में जाना जाता है। संज्ञा शब्द वह शब्द होते हैं जो किसी व्यक्ति, स्थान, वस्तु, या विचार के नाम का बोध करते हैं। यह शब्द भाषा में नामकरण के काम आते हैं और भाषा में अर्थ को स्पष्ट करने में मदद करते हैं।

संज्ञा शब्द के उदाहरण हो सकते हैं, फल, पुस्तक, गाड़ी, महिला, पुरुष, स्कूल, दुकान, गर्मी, और बचपन। इन शब्दों से व्यक्ति, वस्तु, स्थान, या विचार को नाम बोध हो रहा हैं।

संज्ञा के उदाहरण (Sangya ke Udaharan)

  1. फल - फल अच्छा है।
  2. पुस्तक - मैं पुस्तक पढ़ रहा हूँ।
  3. गाड़ी - वह गाड़ी चला रहा है।
  4. बच्चा, खुश - बच्चा खुश है।
  5. महिला - महिला सुंदर है।
  6. पुरुष - पुरुष काम पर हैं।
  7. स्कूल - स्कूल बहुत बड़ा है।
  8. दुकान - दुकान पर बिक्री हो रही है।
  9. गर्मी - आज बहुत गर्मी है।
  10. शिक्षा - शिक्षा महत्वपूर्ण है।

वाक्य में संज्ञा शब्द को कैसे पहचाने?

निम्नलिखित दो तरीकों से वाक्य में संज्ञा की पहचान की जा सकती हैं:-
  1. संज्ञा शब्द के बाद परसर्ग (ने, को, से, के लिए, में, पर आदि) आ सकते हैं। जैसे - राम ने, गीता के लिए, सड़क पर, चाक़ू से, अयोध्या में आदि।
  2. वाक्य में संज्ञा शब्द के पहले विशेषण का प्रयोग हो सकता है। जैसे - अच्छा लड़का, प्यारी बच्ची, मेरा भाई आदि।
वाक्य में परसर्ग और विशेषण न होने पर भी संज्ञा शब्द को किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, भाव के नाम के कारण भी पहचाना जा सकता है।

संज्ञा के कार्य (Sangya ke Kary)

वाक्य में संज्ञा शब्द कर्ता, कर्म, पूरक, करण, अपादान, अधिकरण, आदि कई रूपों में कार्य कर सकता हैं।
उदाहरण के लिए:
  1. मोहन खेल रहा है। (कर्ता के रूप में)
  2. वह पानी पी रही है। (कर्म के रूप में)
  3. सोहन विद्यार्थी है। (पूरक के रूप में)
  4. गीता ने चाकू से सेब काटी। (करण के रूप में)

संज्ञा के भेद (Sangya ke Bhed)

अर्थ के अनुसार संज्ञा के मुख्यतः पांच भेद माने जाते है:

  1. व्यक्तिवाचक संज्ञा (Vyaktivachak Sangya)
  2. जातिवाचक संज्ञा (Jaati vachak Sanya)
  3. भाववाचक संज्ञा (Bhav vachak Sangya)
  4. समूहवाचक संज्ञा (Samuhvachak Sangya)
  5. द्रव्यवाचक संज्ञा (Dravyavachak Sangya)

1. व्यक्तिवाचक संज्ञा - Vyaktivachak Sangya

जिस संज्ञा शब्द से किसी खास एक व्यक्ति, वस्तु, जानवर , दिन, महीना या स्थान का बोध हो, उसे व्यक्तिवचक संज्ञा कहते हैं। 

जैसे, 'कृष्ण' किसी खास व्यक्ति का नाम है, यह प्रत्येक का नाम नहीं हो सकता है। वैसे ही 'अयोध्या' किसी विशेष स्थान का नाम है, यह पूरी दुनिया का नाम नहीं है।

व्यक्तिवाचक संज्ञा हमेशा एक वचन में ही होता हैं। ये बहुवचन नहीं हो सकते हैं।

व्यक्तिवाचक संज्ञा के 10 उदाहरण (Vyaktivachak Sangya ke Udaharan)

  1. दामोदर
  2. कैलाश
  3. यमुना
  4. सोमवार
  5. जन्मदिन
  6. जनवरी
  7. दीपावली
  8. वैशाख
  9. मीनाक्षी
  10. आरव

2. जातिवाचक संज्ञा - Jaativachak Sangya

वैसे संज्ञा शब्द जो किसी वर्ग के प्रत्येक प्राणियों, वस्तुओं या स्थानों का बोध करता हो, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे - आदमी, औरत, लड़का, खरगोश, हाथी, दिन, महिना आदि।

जातिवाचक संज्ञा के 10 उदाहरण (Jaativachak Sangya ke Udaharan)

  1. आदमी
  2. लड़की
  3. बच्चा
  4. गाय
  5. शहर
  6. नदी
  7. पहाड़
  8. पुस्तक
  9. विद्यार्थी
  10. शिक्षक

3. भाववाचक संज्ञा - Bhav vachak Sangya

जिस संज्ञा शब्द से किसी विचार, भाव, गुण, धर्म, दशा, अवस्था, व्यापार आदि का बोध हो, उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे: सत्य, दया, ठंडी, बचपन, क्रोध, प्रसन्नता, प्रेम, आश्चर्य, लालच, जवानी आदि। 

भाववाचक संज्ञा हमेशा एकवचन में प्रयुक्त होता है, इनका बहुवचन जातिवाचक संज्ञा बन जाता है। जैसे - दूरी – दूरियाँ, चोरी – चोरियाँ, बचपन - बचपनों आदि। भाववाचक संज्ञा शब्दों का निर्माण, जातिवाचक संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया या अव्यय शब्दों के साथ प्रत्यय जोड़कर किया जा सकता हैं।

भाववाचक संज्ञा के 10 उदाहरण (bhav vachak sangya ke Udaharan)

  1. सत्य
  2. प्रेम
  3. दया
  4. क्रोध
  5. दुःख
  6. सुन्दरता
  7. बचपन
  8. लड़कपन
  9. सर्दी
  10. अच्छाई

4. समूहवाचक संज्ञा - Samuhvachak Sangya

वैसे संज्ञा शब्द जो किसी समूह या भीड़ या समुदाय की स्थिति का बोध करता है उसे समूहवाचक संज्ञा या समुदाय वाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे - परिवार, सभा, कक्षा, संसद, दल, सेना, मेला, पुलिस आदि। यहाँ सभी शब्द एक समूह या समुदाय का बोध करते हैं। अतः ये सब समूहवाचक संज्ञाएं हैं।

समूहवाचक संज्ञा के 10 उदाहरण (Samuhvachak Sangya ke Udaharan)

  1. सभा
  2. मेला
  3. स्कूल
  4. भीड़
  5. वर्ग
  6. संसद
  7. गठ्ठर
  8. सम्मलेन
  9. ढेर
  10. बाजार

5. द्रव्यवाचक संज्ञा - DravyaVachak Sangya

किसी द्रव्य, पदार्थ, धातु तथा अधातु का बोध करने वाले शब्दों को द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं। और इन वस्तुओं को नापा या तौला भी जा सकता हैं।

द्रव्यवाचक संज्ञा के उदाहरण (DravyaVachak Sangya ke udaharan)

  • ठोस अवस्था – मिट्टी, कोयला, सोना, चाँदी, लोहा, आदि।
  • द्रव अवस्था – शहद, पानी, दूध, तेल आदि।
  • गैस अवस्था – ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन आदि।

गणनीय संज्ञा और अगणनीय संज्ञा

गणनीय संज्ञा (Gananiy Sangya)

वैसे संज्ञाएँ जिनका बहुवचन रूप बन सकते हैं उन्हें हम गिन और उनके पहले संख्यवाचक शब्दों का प्रयोग कर सकते हैं। जैसे एक लड़का, दो लड़के, अनेक लड़के, दस पुस्तकें, दो कलमें आदि। ऐसे संज्ञा शब्दों को गणनीय संज्ञा कहते हैं।

गणनीय संज्ञा के 10 उदाहरण (Ganniy Sangya ke udaharan)

  1. विद्यार्थी
  2. कलम
  3. पुस्तक
  4. विद्यालय
  5. खिलाडी
  6. गुण
  7. कार्य
  8. लड़का
  9. गाय
  10. फल

अगणनीय संज्ञा (Agananiy Sangya)

वे संज्ञाएं हैं, जिन्हें अलग अलग इकाई में गिना नहीं जा सकता हैं, अगणनीय संज्ञा कहलाते हैं। और उन्हें संख्यावाचक शब्दों के साथ प्रयोग नहीं कर सकते हैं। जैसे - हवा, पानी, ज्ञान, सूक्ष्मजीव, तेल, आटा आदि अगणनीय संज्ञा के उदाहरण हैं।

अगणनीय संज्ञा के 10 उदाहरण (Aganniy Sangya ke udaharan)

  1. गैस
  2. पानी
  3. दूध
  4. शहद
  5. मिट्टी
  6. आटा
  7. दही
  8. लोहा
  9. सत्य
  10. दया

संज्ञा से सम्बंधित प्रश्न (FAQs)

1. संज्ञा किसे कहते हैं?
   - संज्ञा वे शब्द होते हैं जिनसे किसी व्यक्ति, वस्तु, जानवर, स्थान, विचार, भाव, दिन या महिना का होता है।

2. संज्ञा शब्द के उदाहरण क्या हैं?
   - संज्ञा शब्द के उदाहरण: फल, पुस्तक, गाड़ी, महिला, पुरुष, स्कूल, दुकान, गर्मी, और बचपन।

3. संज्ञा के कितने भेद होते हैं?
   - संज्ञा के पांच मुख्य भेद होते हैं: व्यक्तिवाचक, जातिवाचक, भाववाचक, समूहवाचक, और द्रव्यवाचक।

4. व्यक्तिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं?
   - व्यक्तिवाचक संज्ञा वैसे संज्ञा है जो किसी खास व्यक्ति, वस्तु, जानवर, दिन, महिना, या स्थान का नाम बताता है, और इसका बहुवचन नहीं होता।

5. जातिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं?
   - जातिवाचक संज्ञा वैसे संज्ञा है जो किसी वर्ग के प्रत्येक प्राणी, वस्तु, या स्थान का नाम होता है और इसका बहुवचन हो सकता है।

6. भाववाचक संज्ञा किसे कहते हैं?
   - भाववाचक संज्ञा वैसे संज्ञा है जो किसी विचार, भाव, गुण, धर्म, दशा, अवस्था, या व्यापार का नाम होता है और इसका बहुवचन नहीं होता।

7. समूहवाचक संज्ञा किसे कहते हैं?
   - समूहवाचक संज्ञा वैसे संज्ञा है जो किसी समूह या समुदाय की स्थिति का नाम होता है, जैसे परिवार, सभा, कक्षा, या सेना।

8. द्रव्यवाचक संज्ञा किसे कहते हैं?
   - द्रव्यवाचक संज्ञा वैसे संज्ञा है जो किसी द्रव्य, पदार्थ, धातु, या अधातु का नाम होता है, और इन वस्तुओं को नापा या तौला जा सकता है।

9. गणनीय संज्ञा किसे कहते हैं?
   - गणनीय संज्ञा वैसे संज्ञा है जिनका बहुवचन रूप बन सकता है, और उनके पहले संख्यवाचक शब्दों का प्रयोग किया जा सकता है।

10. अगणनीय संज्ञा किसे कहते हैं?
    - अगणनीय संज्ञा वैसे संज्ञा है जिन्हें अलग अलग इकाई में गिना नहीं जा सकता है और उनके पहले संख्यावाचक शब्दों का प्रयोग नहीं किया जा सकता है।

निष्कर्ष

इस लेख में हमने हिंदी व्याकरण और भाषा के आवश्यक पहलु संज्ञा को समझने का प्रयास किया। हमने संज्ञा की परिभाषा, उनके विभिन्न भेद का पता लगाया है, और उनको गहराई से समझने के लिए उदाहरण देखें। संज्ञा को हिंदी भाषा और व्याकरण का आवश्यक घटक माना जाता है, क्योंकि वे लोगों, वस्तुओं, जानवरों, स्थानों, विचारों, भावनाओं, दिनों और महीनों के नाम के रूप में कार्य करते हैं।

हमने विभिन्न प्रकार के संज्ञाओं पर भी चर्चा की है। इसके अतिरिक्त, हमने गणनीय संज्ञा और अगणनीय संज्ञा के विषय को जाना कि संज्ञाओं को गिनती के आधार पर कैसे वर्गीकृत किया जा सकता है।

संज्ञाओं का अध्ययन करके, हम अपने भाषा कौशल में सुधार कर सकते हैं और हिंदी में प्रभावी ढंग से संवाद कर सकते हैं।

हमें उम्मीद है कि इस लेख ने संज्ञा के बारे में आपके सभी प्रश्नों को स्पष्ट और सीधे उत्तर प्रदान किया हैं। इसे अपने दोस्तों और सहपाठियों के साथ शेयर जरुर करें। आप आगे के कुछ अन्य लेख पढ़ सकते हैं जैसे भाववाचक संज्ञा के 100 उदाहरण और समूहवाचक संज्ञा के 100 उदाहरण

संज्ञा की पूरी जानकारी Video



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My name is Gyanesh Kushwaha, and I’m a college student who’s passionate about reading, writing and coding. I am here to share straightforward advice to students. So if you’re a student (high school, college, or beyond) looking for tips on studying, …

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